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बड़ी खबर: लोकसभा चुनाव से पहले जीएसटी में बहुत बड़ा बदलाव

नई दिल्ली: इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र की मोदी सरकार जनता को एक के बाद एक कई नये तोहफे दे रही है। हाल में सरकार ने आर्थिक आधार पर गरीब सवर्णों को सरकारी नौकरी और शिक्षा के क्षेत्र में 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का बड़ा फैसला लिया है, वहीं अब जीएसटी को लेकर भी सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है।

जीएसटी को लेकर किया गया सरकार का ये बड़ा फैसला खास तौर पर छोटे कारोबारियों के लिए काफा महत्वपूर्ण हैं। दरअसल, सरकार की ओर से ऐलान किया गया है कि वे व्यापारी जिनका सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपये से कम है वे जीएसटी के दायरे में नहीं आएंगे।

आपको बता गें कि पहले यह व्यवस्था 20 लाख तक सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए थी, जो अब 40 लाख तक टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए भी कर दी गई है। वहीं पहाड़ी राज्यों में ये सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख तक कर दी गई है। इस अहम फैसले की जानकारी वित्त मंत्री अरुरण जेटली ने जीएसटी काउंसिल की 32वीं बैठक में लिए गए फैसले के आधार पर दी है।

मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने अन्य अहम जानकारी देते हुए कहा कि, प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए राज्य अधिकतम दो साल तक सेस लगा सकते हैं। केरल को अपने यहां अधिकतम 1 फीसदी सेस लगाने की इजाजत दी गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि, एक अप्रैल 2019 से कंपोजिट स्कीम का दायरा बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये तक हो जाएगा, जबकि सेवाओं के लिए भी कंपोजिट स्कीम को मंजूरी दे दी गई है।

वित्त मंत्री ने बताया कि, जो कंपोजिट स्कीम के दायरे में आते हैं वो तिमाही आधार पर अपना टैक्स अदा करेंगे, हालांकि उन्हें रिटर्न साल में एक बार ही फाइल करना होगा। एक वित्त मंत्री ने जनता के लिए राहत भरी खबर सुनाई है वहीं दूसरी ओर केरल और बंगाल के वित्त मंत्री ने सरकार के इन फैसलों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ये फैसले आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रख कर लिए जा रहे हैं।

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