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बिहार में बेटियों के साथ अत्याचार कब तक, सुपौल की घटना सहरसा में दोहराई!

पटना: बिहार में अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। राज्य के अलग-अलग जगहों से आया दिन हत्या के मामले बिहार को एक बार फिर से जंगल राज की ओर खींच रहा है। ऐसे में अगर बेटियों की साथ छेड़छाड़ की बात करें तो, ऐसे मामले में राज्य के लिए आम बात हो चुकी है।

दरअसल, हाल ही में करीब चार दिनों पहले सुपौल में कस्तूरबा आवासीय स्कूल की लड़कियों ने छेड़खानी विरोध किया तो मनचलों ने उनपर हमला कर दिया, जिसमें कई बच्चियां घायल हो रही है। वहीं आब ऐसा ही छेड़खानी का एक मामला सहरसा से आया है। जहां छेड़छाड़ से परेशान बच्चियों ने स्कूल जाना ही बंद कर दिया है।

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एकपरहा गांव की बेटियों का आरोप है स्कूल जाने का मात्र एक ही रास्ता है और वहां मनचले अक्सर उनके साथ छेड़छाड़ करते रहते हैं। हालांकि हमने अपने परिजनों की इसकी जानकारी पहले नहीं दी थी, क्योंकि हमें लग रह था कि कहीं हमारी पढ़ाई न बंद करा दी जाए।

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लेकिन आखिर कर मनचलों से परेशान होकर हमने अपने घरवालों को इसके बारे में बताया। जानकारी मिलने पर पीड़ित लड़की के भाई ने छेड़छाड़ का विरोध किया तो मनचलों ने उसकी मार-पिटाई कर दी जिसमें पीड़िता के भाई का हथ भी टूट गया। हालांकि अब मामले में जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है।

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जिसके बाद संबंधित अधिकारियों के कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कर्रवाई की जाएगी। वहीं गांव वालों का आरोप है कि यहां छेड़खानी की घटना हाल के दिनों में ही नहीं बल्कि सालों से चल रहा है, लेकिन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

बता दें कि छेड़छाड़ से परेशान बेटियां स्कूल जाने को तैयार नहीं है, लिहाज अब पुलिस की जिम्मेदारी बनती हैं कि मामले में कार्रवाई कर बेटियों के मन को भय मुक्त किया जाए।

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