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जाने तेजस्वी यादव को किसने और क्यों दी 'मनोहर पोथी' पढ़ने की सलाह!

पटना: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन ने 117 सीटों के साथ राज्य में सरकार बनाने का दावा करती रह गई लेकिन राज्य के राज्यपाल वजुभाई वाला ने 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी होने के आधार पर बीजेपी को पहले सरकार बनाने का मौका देते हुए भाजपा विधायक दल के नेता बी.एस.येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी।

जिसके बाद से देश भर में इस मसले पर नए सिरे से बहस छिड़ चुकी है। इस क्रम में बिहार में महागठबंधन टूटने के बाद सत्ता से बेदखल हुए RJD नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने ट्वीट करते हुए कहां कि, हम राज्यपाल महोदय से मांग करते हैं कि वो बिहार की मौजूदा सरकार को भंग कर कर्नाटक के तर्ज पर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी राजद को सरकार बनाने का मौका दें”।

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हालांकि बिहार सरकार को लेकर ऐसा तंज कसना तेजस्वी यादव को भारी पड़ रहा है। तेजस्वी के इस बयान पर जद (यू) प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा कि, ‘वे 'गरीब' के पुत्र होने के कारण डीपीएस स्कूल, दिल्ली में पढ़े हैं, इस कारण उनका अंकगणित कमजोर है, इसलिए उन्हें मनोहर पोथी पढ़नी चाहिए’।

कुमार ने कहा कि, धर्मनिरपेक्षता के लिए भ्रष्टाचार से समझौता नहीं करने के कारण 26 जुलाई, 2017 को जद (यू) महागठबंधन से अलग हुई और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिना सत्ता के मोह के अपना त्यागपत्र दे दिया था। जिसके बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने बिना किसी शर्त सरकार को समर्थन दिया जिसके आधार पर तत्कालीन राज्यपाल ने 27 जुलाई को नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई और इसके 48 घंटे के अंदर सरकार ने विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया।

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अब यहां सवाल है कि नीरज कुमार ने तेजस्वी को मनोहर पोथी पढ़ने की सलाह क्यों दी, तो इसका सीधा जवाब है कि मनोहर पोथी का ज्ञान बच्चों को पढ़ाई की शुरुआती अवस्था में दी जाती है, जब वे फल और फूल को पहचान सिख रहे होते हैं। जबकि तेजस्वी तो उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं, फिर उनके बारे में नीरज कुमार मनोहर पोथी की राय कैसे दे सकते हैं?

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