Breaking News
  • राजकीय सम्मान के साथ मनोहर पर्रिकर का अंतिम संस्कार
  • प्रयागराज से वाराणसी तक बोट यात्रा कर रही हैं प्रियंका गांधी
  • बोट यात्रा से पहले प्रियंका ने किया गंगा पूजन, देश का उत्थान और शांति मांगी
  • आतंकवाद के खिलाफ़ कार्रवाई में सुरक्षाबलों के हाथ बड़ी सफलता, 36 घंटों के अंदर 8 आतंकी ढेर
  • पाकिस्तान ने राष्ट्रीय दिवस पर अलगाववादी नेताओं को किया आमंत्रित, भारत ने जताया सख्त ऐतराज
  • शहीद दिवस पर आजादी के अमर सेनानी वीर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को नमन कर रहा है देश
  • आज IPL के 12वें सीजन का आरंभ, एम एस धोनी और विराट कोहली आमने-सामने

भारत के इस शहर में बन रही है दुनिया की सबसे ऊंची भगवान शंकर की प्रतिमा

नई दिल्ली: गुजरात में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के बाद अब राजस्थान में दुनिया की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा बन रही है, यह अगले वर्ष मार्च तक पूरी हो जाएगी। राजस्थान के नाथद्वारा में बन रही इस प्रतिमा की ऊंचाई 351 फीट है और इसे मिराज ग्रुप बना रहा है। उदयपुर से 50 किलोमीटर की दूरी पर श्रीनाथद्वारा के गणेश टेकरी में सीमेंट कंकरीट से बन रही विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा का 85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है।

दुनिया की चौथी सबसे ऊंची प्रतिमा

इस परियोजना के प्रभारी राजेश मेहता ने बताया कि 351 फीट ऊंची सीमेंट कंकरीट से निर्मित शिव प्रतिमा दुनिया की चौथे नंबर की और भारत में हाल ही में गुजरात में स्थापित सरदार पटेल की प्रतिमा के बाद दूसरे नंबर की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। प्रतिमा में भगवान शिव ध्यान और आराम की मुद्रा में हैं।

चार लिफ्ट और तीन सीढ़ियां

मेहता ने बताया कि 351 फुट ऊंची प्रतिमा में पर्यटकों की सुविधा के लिए चार लिफ्ट और तीन सीढ़ियों का प्रावधान रखा गया है। पयर्टक 280 फीट की ऊंचाई तक जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रतिमा को 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कांकरोली फ्लाईओवर से देखा जा सकता है।

रात में चमकने के लिए खास लाइट

शिव प्रतिमा रात में भी 20 किलोमीटर की दूरी से दिखाई दे इसके लिए इसमें विशेष लाइट लगाई जा रही है, जिसे अमेरिका से मंगाया गया है।

सिडनी की तकनीक भूकंप से बचाएगी 

शिव प्रतिमा को स्टील मॉड्यूल की सहायता से बनाया जा रहा है।  स्टील से हर एक फीट पर सरिये की मदद से ढांचा तैयार कर इसमें कंकरीट भरा जाएगा और उसपर तांबा चढ़ाया जाएगा। प्रतिमा की सुरक्षा गुणवत्ता की जांच सिडनी में होगी। ऊंचाई पर होने के कारण हवा के वेग तथा भूकंप के अधिकतम दबाव को ध्यान में रखते हुए 250 साल में आने वाले भूंकप की अधिकतम क्षमता, हवा के वेग सहित सुरक्षा को ध्यान में रखकर इसका निर्माण कराया जा रहा है।

यह प्रतिमा भी बनाएगी विश्व रिकॉर्ड

695 फीट ऊंची शिवाजी महाराज मेमोरियल की प्रतिमा 2021 तक मुंबई में बनकर तैयार होगी, यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा हो जाएगी

loading...