Breaking News
  • गुजरात: 44 बिल्डर्स और फाइनेंसरों के कई ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे
  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की वार्षिक समीक्षा बैठक में वित्त मंत्री, कर्ज देने की प्रक्रिया को ईमानदार बनाएं बैंक
  • उत्तर भारत में मौसम का कहर जारी, हिमाचल में 3 की मौत, बादल फटने से मची तबाही
  • भारत-पाक विदेश मंत्रियों की वार्ता रद्द होने के बाद सार्क बैठक पर संकट

कैलास मानसरोवर यात्रा में फंसे 1500 यात्रियों में से 104 को बचाया गया

नई दिल्ली:  नेपाल के रास्ते कैलास मानसरोवर यात्रा पर जा रहे करीब 1500 लोगों के फंसे होने की खबर है, जिसपर भारत और नेपाल सरकार पैनी नजर बनाएं हुए हैं। वहीं अब फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया में भी तेजी आई है। बताया जाता है कि भारी बारिश के कारण ये सभी यात्री अलग-अलग स्थानों पर फंसे हैं।

इस बीच खबर है क सिमिकोट में फंसे 525 श्रद्धालुओं को बचाने के लिए दो कमर्शल फ्लाइट लैंड कराई गई है। तो वहीं हिलसा में फंसे श्रद्धालुओं को बचाने के लिए भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वहीं मामले में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से बात तक ताजा हालातों की जानकारी ली है।

बाबा ने नहीं बेटे ने लटकाई 11 लाशें, दिल्ली कांड में हैरान कर देने वाला खुलासा!

इसके साथ बता दें नेपाल में भारतीय दूतावास ने हॉटलाइन नंबर किए जारी किया है। ताजा जानकारी के अनुसार सिमिकोट में फंसे 525 श्रद्धालुओं में से 104 को सुरक्षित बचा लिया गया है। जबकि यहां एक बुरी खबर है कि आंध्र प्रदेश के एक श्रद्धालु की मौत हो गई। मामले पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी ट्वीट कर जानकारी दिया है।

विदेश मंत्री ने अपने ट्वीट में कहा कि फंसे हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाल सरकार से सेना के हेलिकॉप्टरों की मदद लेने की मांग की गई है। उन्होंने बताया किया पीएम मोदी समय-समय पर श्रद्धालुओं के लिए चलाए जा रहे बचाव कार्य की जानकारी ले रहे हैं। पीएम ने अधिकारियों से भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए हरसंभव मदद करने को कहा है।

दिल्ली के एक घर से मिली 11 लाशों का VIDEO देख अंदर तक हिल जाएंगे!

नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के आंकड़ों के अनुसार यहां सिमिकोट में 525 तीर्थयात्री फंसे हैं, जबकि हिलसा और तिब्बत की ओर करीब 500-500 श्रद्धालुओं के फंसे होने की जानकारी है। वहीं नेपाल में भारतीय दूतावास ने तीर्थयात्रीयों और उनके परिजनों के लिए अलग-अलग भाषाओं में हॉटलाइन नंबर जारी किए हैं, जिसे आप यहां देख सकते हैं।

loading...